रायपुर। केंद्र सरकार ने फोर्टिफाईड (FRK) चावल पर  रोक लगा दी है। केंद्रीय खाद्य विभाग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, खाद्य सचिवों को इस संबंध में पत्र भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि इसके बाद एफ आर के प्रोसेस के लिए मिलर्स का पंजीयन न किया जाए। केंद्र ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना,और अन्य योजनाओं में भी इस चावल की आपूर्ति पर अस्थाई रोक लगा दी है।

राइस मिलर्स ने केंद्रीय मंत्री से की थी मांग

दरअसल कुछ माह पूर्व सांसद बृजमोहन अग्रवाल  के साथ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी  से मुलाक़ात में Federation of All India Rice Mill Association ने FRK मिक्सिंग के कारण मिलर्स को हो रही व्यावहारिक परेशानियों से विस्तार से अवगत कराया  था।

बैठक में यह भी स्पष्ट रूप से रखा गया कि नए FRK की खरीदी का औचित्य नहीं है, क्योंकि सरकार के पास पहले से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। यदि पुराने स्टॉक में फोर्टिफिकेंट की अवधि समाप्त हो जाती है तो नए स्टॉक की खरीदी से सरकारी धन की अनावश्यक बर्बादी होगी।

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तब मंत्री जोशी ने संकेत दिया था कि सरकार इस विषय पर पहले से गंभीर है और आने वाले समय में इस संबंध में बड़ा निर्णय लिया जाएगा। आज जो निर्णय हुआ है, उसका आशय भी उसी दिशा में एक सकारात्मक बदलाव है।

इस संबंध में एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बताया कि मिलर्स प्रारंभ से इस योजना की व्यावहारिक कठिनाइयों से जूझ रहे थे, उन्हें इस निर्णय से बड़ी राहत मिली है। यह राष्ट्रीय एसोसिएशन के सतत प्रयासों और संघर्ष का परिणाम है। इस निर्णय के लिए पूरे देश के मिलर ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है ।

इस विषय पर आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष तरसेम सैनी, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश अग्रवाल  एवं चेयरमैन जी.बी. राव सहित पूरे देश के अन्य प्रदेश के पदाधिकारी उपस्थित थे।