बिलासपुर। खुद को रायपुर में क्राइम ब्रांच का अफसर होने का रौब दिखाकर भयादोहन करने का मामला सामने आया है। बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत करगीखुर्द गांव में स्कॉर्पियो सवार युवकों ने एक ग्रामीण पर नशे का सामान बेचने का आरोप लगाते हुए उससे 54 हजार रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने एक अन्य किसान को भी धमकाकर उससे रकम वसूल ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोटा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आधी रात को पहुंचे गांव
करगीखुर्द निवासी अभिषेक सिंह ने पुलिस को बताया कि गुरुवार की रात करीब 12 बजे उनके घर के सामने स्कॉर्पियो वाहन आकर रुका। वाहन में सवार दो युवक गाली-गलौज करते हुए बाहर निकलने के लिए दबाव बनाने लगे। अभिषेक ने विवाद की आशंका से घर से बाहर निकलना उचित नहीं समझा। करीब एक घंटे तक हंगामा करने के बाद युवक वहां से चले गए।
कुछ देर बाद अभिषेक के मोबाइल पर कॉल आया और उन्हें बाहर बुलाया गया। इसके बाद उनके परिचित योगेश पांडेय का भी फोन आया। पूर्व परिचय होने के कारण अभिषेक घर से बाहर निकले। बाहर निकलते ही युवकों ने उन्हें जबरन अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया और गांव से दूर सुनसान स्थान पर ले गए। वहां पहुंचकर स्कॉर्पियो सवार देव बघेल ने खुद को क्राइम ब्रांच का जवान बताते हुए अभिषेक पर नशा बेचने का आरोप लगाया। आरोपियों ने डेढ़ लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। उनके साथ लाल रंग की कार में विनय साहू और योगेश पांडेय भी मौजूद थे। लगातार दबाव और डर के माहौल में अभिषेक ने घर फोन कर 54 हजार रुपये मंगवाए और आरोपियों को दे दिए। रकम मिलने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
अन्य ग्रामीण से भी की वसूली
पता चला कि इसके बाद आरोपी पटैता निवासी मनोज यादव के घर पहुंचे और वहां भी खुद को क्राइम ब्रांच से जुड़ा बताकर धमकी देते हुए अवैध वसूली की। गांव में इस घटना से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की हरकतों में लिप्त हो सकते हैं। शिकायत के बाद कोटा थाना पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की। तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों में से एक युवक पूर्व में पुलिस की गाड़ी चलाता था। वर्तमान में वह निजी वाहन चला रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस वाहन चालक रहने के दौरान उसे क्षेत्र में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी मिली थी। उसी जानकारी का दुरुपयोग कर वह लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर वसूली कर रहा था।



