Bageshwar Dham Dhirendra Krishna Shastri Badrinath Ekantvas.

टीआरपी। बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगामी मई महीने में दुनिया के तमाम संपर्कों से दूर होकर एक महीने के एकांतवास में जाने का बड़ा निर्णय लिया है। इस दौरान वे न तो कोई कथा करेंगे और न ही उनका दिव्य दरबार सजेगा, बल्कि वे मोबाइल और मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर साधना में लीन रहेंगे।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लाखों श्रद्धालु जो बागेश्वर बाबा की कथाओं और दरबार का इंतजार करते हैं, उनके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले एक महीने तक उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। यह फैसला आध्यात्मिक ऊर्जा के संचय और सनातन हिंदू राष्ट्र के अभियान को नई दिशा देने के लिए लिया गया है, जिसका असर आने वाले समय में उनकी कार्यशैली पर दिखेगा।

एकांतवास का विवरण: बद्रीनाथ की पहाड़ियों में होगी साधना

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वयं इस यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि वे गुरु की आज्ञा से उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम की पहाड़ियों पर जा रहे हैं। मई के महीने में वे पूरे 21 दिनों तक कठिन साधना करेंगे। इस अवधि में वे किसी भी नेटवर्क क्षेत्र में नहीं होंगे और न ही किसी से मुलाकात करेंगे।

See also  Snowfall in Kedarnath : केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले रजिस्ट्रेशन हुआ बंद, बर्फ से ढकी घाटी

बाबा के अनुसार, जिस मोड़ पर वे वर्तमान में खड़े हैं, वहां खुद को आध्यात्मिक रूप से साधना और बाहरी दुनिया के भटकाव से दूर रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस दौरान मोबाइल, टीवी और इंटरव्यू जैसी तमाम सुख-सुविधाओं का त्याग कर देंगे।

  • स्थान: बद्रीनाथ धाम की पहाड़ियां, उत्तराखंड।
  • अवधि: मई माह के दौरान कुल 21 दिनों की विशेष साधना।
  • प्रतिबंध: कोई कथा नहीं, कोई दिव्य दरबार नहीं और मोबाइल-टीवी से पूर्ण दूरी।
  • उद्देश्य: आध्यात्मिक ऊर्जा का पुनर्संचय और भविष्य की नई योजनाओं की तैयारी।

धीरेंद्र शास्त्री ने संकेत दिया है कि इस एकांतवास से लौटने के बाद वे एक नई ऊर्जा, नए विचारों और एक नई रणनीति के साथ वापस आएंगे। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस तपस्या के बाद बागेश्वर बाबा की आध्यात्मिक शक्ति और ‘सनातन’ के प्रति उनके अभियान में और अधिक प्रखरता देखने को मिलेगी।