KCG District Education Officer terminates four employees for fake documents.
A government office building with a 'Dismissed' stamp on a document overlay, police station in background

राजनांदगांव। प्रदेश भर में सैकड़ों फर्जी दिव्यांग सरकारी नौकरी कर रहे हैं। दिव्यांग संघ इनके खिलाफ मुहिम भी चला रहा है। ऐसे ही एक फर्जी
दिव्यांग प्रमाण पत्र के मामले में शिक्षा विभाग ने एक सहायक शिक्षक को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने डोंगरगांव विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला घोरदा में पदस्थ सहायक शिक्षक विकास लाटा को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद की गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक सहायक शिक्षक विकास लाटा के खिलाफ फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने की शिकायत सामने आई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग द्वारा उनके विरुद्ध विधिवत विभागीय जांच संस्थित की गई। जांच के दौरान उनसे संबंधित अभिलेख और प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कई बार अवसर दिया गया, लेकिन वे संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहे।

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मेडिकल के लिए हाजिर नहीं हुए शिक्षक

जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत दिव्यांग प्रमाण पत्र संदिग्ध है और उसके संबंध में कोई ठोस दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके अलावा उन्हें जिला चिकित्सालय दुर्ग में चिकित्सीय परीक्षण के लिए उपस्थित होने के निर्देश भी दिए गए थे, ताकि प्रमाण पत्र की सत्यता की पुष्टि की जा सके। हालांकि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सहायक शिक्षक विकास लाटा चिकित्सीय परीक्षण के लिए उपस्थित नहीं हुए।

विभागीय जांच के दौरान उन्हें तीन बार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अवसर प्रदान किया गया था, लेकिन वे निर्धारित तिथियों पर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इस कारण जांच अधिकारी को उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाना पड़ा। अंततः प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं और उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ लेने का प्रयास किया।

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जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपलब्ध अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन और नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए सहायक शिक्षक विकास लाटा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के अंतर्गत शासकीय सेवा से पृथक कर दिया है।