टीआरपी डेस्क। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए राम रहीम को इस मामले से बरी कर दिया है। हालांकि, मामले के अन्य तीन दोषियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया है।

क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड?

सिरसा के निडर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की 24 अक्तूबर 2002 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति ने अपने अखबार में एक गुमनाम पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें डेरा की साध्वियों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

इस मामले की जांच 2003 में उनके बेटे अंशुल छत्रपति की याचिका पर सीबीआई (CBI) को सौंपी गई थी। करीब 16 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद, 2019 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम सहित चार लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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हाईकोर्ट का फैसला और वर्तमान स्थिति

गुरमीत राम रहीम ने 2019 के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। शनिवार को हुई सुनवाई में अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर उन्हें इस मामले से दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि अन्य तीन दोषियों की संलिप्तता के पर्याप्त सबूत हैं, इसलिए उनकी सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।