Symptoms of swollen feet related to heart and kidney diseases.

टीआरपी डेस्क। अक्सर लोग दिनभर की भागदौड़ या ज्यादा देर खड़े रहने को पैरों की सूजन की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, पैरों में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन हार्ट, किडनी या लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती अलार्म हो सकती है।

लोग अक्सर शारीरिक लक्षणों को घरेलू उपचार या थकान मानकर टाल देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब शरीर के आंतरिक अंग सही से काम नहीं करते, तो तरल पदार्थ (Fluid) का जमाव सबसे पहले पैरों और टखनों में दिखता है, जिसे समय पर पहचानकर बड़ी अनहोनी से बचा जा सकता है।

इन 5 गंभीर बीमारियों की ओर है इशारा

पैरों की सूजन शरीर के भीतर पनप रही किसी बड़ी समस्या का प्रतिबिंब हो सकती है। मुख्य रूप से ये पांच स्थितियां जिम्मेदार मानी जाती हैं:

  1. दिल की बीमारी: यदि सूजन के साथ सांस फूलना या सीने में भारीपन है, तो यह संकेत है कि दिल खून को सही ढंग से पंप नहीं कर पा रहा है।
  2. किडनी की समस्या: जब किडनी शरीर से टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकाल पाती, तो पैरों और चेहरे पर सूजन आने लगती है।
  3. लिवर की खराबी: प्रोटीन के कम निर्माण और तरल संतुलन बिगड़ने से पैरों और पेट में सूजन आ सकती है, जो लिवर सिरोसिस का लक्षण हो सकता है।
  4. थायरॉइड: मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण हाइपोथायरॉइडिज्म के मरीजों में पैरों में भारीपन और सूजन आम है।
  5. नसों की समस्या (वेनस इंसफिशिएंसी): पैरों की नसों में खून का प्रवाह रुकने से खून वहीं जमा होने लगता है, जिससे सूजन और दर्द बढ़ जाता है।
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