रायपुर। भाकपा के केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राज्य सभा सांसद पी संतोष कुमार ने राजधानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि वीबी जीरामजी जो मनरेगा के स्थान लाया गया है, उसके जरिए ग्राम सभाओं की शक्ति कमजोर कर ग्रामीण रोजगार को चौपट कर दिया गया है।
संतोष कुमार ने कहा कि देश की संपदा का लाभ देश की जनता को मिलना चाहिये मगर 2014 के बाद निजीकरण और कार्पोरेट घरानोंं को लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ खनिज संपदा के मामले में समृद्ध है मगर जनता को फायदा न होकर कार्पोरेट घरानों को हो रहा है, इसके कारण जल जंगल जमीन की लडाई जारी है, लाखों पेड काटे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर मसले पर युद्ध रुकवाने की बात अमरिका के राष्ट्रपति अनेक बार कह चुके हैं। ईरान पर इजराइल अमरिका के बीच युद्ध थोपा गया जिसमें हमारे देश के प्रधानमंत्री को 140 करोड़ जनता के प्रतिनिधी होने के नाते इजराइल के पक्ष में खडा नहीं होना चाहिए। हमारी विदेश नीति असफल मानी जायेगी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीसरे मोर्चे पर काम चल रहा है। भाकपा राष्ट्रीय स्तर इंडिया ब्लाक में हैं मगर राज्य के विशेष कारणों के वजह से अनेक मोर्चे बनते हैं। केरल के मामले में गरीबी समाप्त तो हो गई चूँकि घोर गरीबी नहीं है।केरल में पाँच लाख घरों का निर्माण कर आबंटित की जा चुकी है। केरल के विधान सभा में केरलम् राज्य का नामकरण पारित कर केन्द्र सरकार को भेज दी गई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जी. जी. बरनावा, मीडिया प्रभारी, के. साजी राज्य सचिव, फूलसिंह कचलाम सहायक सचिव मौजूद रहे ।



