Iran-Israel War: नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद रूस ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक हालात में अंतरराष्ट्रीय कानून लगभग समाप्त हो चुका है। इसी पृष्ठभूमि में रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (P-5) की बैठक बुलाने की मांग दोहराई है।

Iran-Israel War: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रूसी सरकारी टीवी ‘रूसिया’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि आज दुनिया उस स्थिति में पहुंच चुकी है जहां अंतरराष्ट्रीय कानून केवल कागजों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि जिस कानून की चर्चा वैश्विक मंचों पर की जाती है, वह वास्तविकता में लागू होता हुआ दिखाई नहीं देता।

Iran-Israel War: पेसकोव ने इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए ‘De Jure’ और ‘De Facto’ जैसे कानूनी शब्दों का उल्लेख किया। उनके अनुसार ‘De Jure’ यानी कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय नियम अभी भी दस्तावेजों और पुस्तकों में मौजूद हैं, लेकिन ‘De Facto’ यानी जमीनी हकीकत में इनका प्रभाव लगभग समाप्त हो गया है।

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Iran-Israel War: उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में यह भी स्पष्ट नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय कानून की वास्तविक परिभाषा क्या है। ऐसे में देशों से इसके नियमों और सिद्धांतों का पालन करने की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं रह गया है।

Iran-Israel War: पेसकोव ने इस संदर्भ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस पुराने प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कोरोना महामारी से पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों—रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन—की एक विशेष बैठक बुलाने का सुझाव दिया था। इस बैठक का उद्देश्य वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर व्यापक चर्चा करना था।

Iran-Israel War: रूस का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करना आवश्यक हो गया है। पेसकोव ने चेतावनी दी कि पश्चिमी एशिया में बढ़ता संघर्ष केवल क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके व्यापक आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकते हैं।

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Iran-Israel War: वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी इस मुद्दे पर अमेरिका से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को उन रणनीतिक योजनाओं को दुनिया के सामने स्पष्ट करना चाहिए, जिनके कारण इस प्रकार के हालात बन रहे हैं।

Iran-Israel War: लावरोव ने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका की नीतियां मौजूदा अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानदंडों के अनुरूप किस प्रकार हैं। लावरोव ने कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया यह तय करे कि वह किस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में रहना चाहती है और वैश्विक नियमों को किस तरह लागू किया जाएगा।