कवर्धा। कबीरधाम से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के कुकरापानी गांव में एक नाबालिग बैगा आदिवासी बच्चे को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया और फिर भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए उसे पेड़ से बांधकर बेरहमी से डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मासूम बच्चा दर्द से तड़पता और रोता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चा रहम की गुहार लगा रहा है, लेकिन गांव के कुछ लोग उससे नाम पूछते हुए लगातार डंडों से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य इतना भयावह है कि देखने वालों की रूह कांप जाए।
बताया जा रहा है कि भीड़ की पिटाई के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
इस मामले में कबीरधाम पुलिस का कहना है कि यह घटना जिले से संबंधित नहीं है, बल्कि यह मामला मध्यप्रदेश के मंडला जिले का है।
पुलिस के अनुसार अमरलाल पिता मलखन सिंह बैगा (16 वर्ष) निवासी ग्राम कुकरापानी थाना तरेगांव, जिला कबीरधाम दिनांक 18 फरवरी 2026 को अपने घर से बिना बताए कहीं चला गया था। परिजनों के मुताबिक बालक मानसिक रूप से कमजोर था और इस संबंध में थाना तरेगांव में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई गई थी।
जानकारी के मुताबिक 26 फरवरी 2026 को मध्यप्रदेश के मंडला जिले के ग्राम बडखेड़ा, थाना बिछिया में कुछ लोगों ने उसे चोर समझकर हाथ बांधकर मारपीट की थी। घटना की सूचना मिलने के बाद उसे डायल 112 वाहन के माध्यम से इलाज के लिए बिछिया अस्पताल ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि रात करीब 2 से 3 बजे के बीच बालक अस्पताल से बाहर निकल गया, जिसके बाद उसका सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हो गया। दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के कारण 27 फरवरी 2026 को उसकी मौत हो गई।
इस पूरे मामले में थाना बिछिया में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं— पहला मारपीट की घटना को लेकर, दूसरा सड़क दुर्घटना में मौत के संबंध में…पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में विधिवत जांच जारी है।हालांकि इस घटना ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं—अगर बालक को मारपीट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो वह अस्पताल से कैसे बाहर निकल गया? और आखिर वह सड़क पर कैसे पहुंचा जहां उसकी दुर्घटना हो गई?



