मुंबई। गुरुवार, 12 मार्च 2026 की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रही। पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने ग्लोबल इकोनॉमी के साथ-साथ दलाल स्ट्रीट के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय बाजार भारी गिरावट के साथ खुले हैं।

बाजार का ओपनिंग हाल: निवेशकों में मची भगदड़

आज सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। सेसेंक्स पिछले क्लोजिंग 76,863.71 के मुकाबले 494.06 अंक (0.64%) गिरकर 76,369.65 पर खुला। निफ्टी (Nifty) 192 अंकों की कमजोरी के साथ 23,674.85 के लेवल पर शुरुआत की। प्री-ओपनिंग में ही सेंसेक्स करीब 500 अंक फिसल गया था, जिससे संकेत मिल गए थे कि आज का दिन निवेशकों के लिए भारी रहने वाला है।

रुपया पस्त: 92.42 के पार पहुंचा डॉलर

शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा (INR) में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। आज सुबह रुपया 22 पैसे कमजोर होकर 92.42 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया। कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ेगा और रुपये पर दबाव बढ़ेगा।

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संकट के बीच ‘अदाणी टोटल गैस’ में रॉकेट जैसी तेजी

बाजार में मची इस मंदी के बीच अदाणी टोटल गैस (Adani Total Gas) के शेयर ने सबको चौंका दिया है। कल 20% का अपर सर्किट छूने के बाद आज सुबह यह स्टॉक 12.90% की बढ़त के साथ 642.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है। देश में जारी गैस संकट और सरकार द्वारा डोमेस्टिक PNG/CNG को प्राथमिकता देने के फैसले से इस सेक्टर के शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

ग्लोबल मार्केट का हाल: क्यों गिर रहा है बाजार?

ईरान-इजरायल युद्ध: 13वें दिन भी जारी जंग ने सप्लाई चेन को तोड़ दिया है। ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हुए ताजा हमलों ने आग में घी डालने का काम किया है। बुधवार को डाओ जोंस और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए, जिसका असर आज एशियाई बाजारों पर दिख रहा है। सुबह गिफ्ट निफ्टी भी आधा फीसदी नीचे था, जिसने भारतीय बाजार के लिए नकारात्मक शुरुआत तय कर दी थी।

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एक्सपर्ट की राय: “अभी खरीदारी से बचें”

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक जियो-पॉलिटिकल तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता (Volatility) जारी रहेगी। ‘इंडिया विक्स’ (VIX) में 11% का उछाल संकेत दे रहा है कि बाजार में डर का माहौल है।