Chhattisgarh Employees Protest: 18 मार्च को छत्तीसगढ़ में सरकारी काम-काज पर ब्रेक लगने के आसार हैं। दरअसल, राज्य के सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेशव्यापी जंगी प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर और सरगुजा तक, सभी जिला और ब्लॉक मुख्यालयों में कर्मचारी एकजुट होंगे। फेडरेशन का कहना है कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों को अनसुना कर रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

ग्राउंड सूत्रों की मानें तो कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला है।

जानें प्रमुख मांगें

  • जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर्स की पूरी राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ (GPF) खातों में तत्काल समायोजित किया जाए।
  • प्रदेश के कर्मचारियों को चार स्तरीय पदोन्नति और समयमान वेतनमान का लाभ देने की मांग।
  • वर्षों से अटकी अन्य विभागीय मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा।
See also  खुशखबरी: फरवरी में लॉन्च हो सकती है भारत की पहली देशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन'

अगर बात करें आम जनता की, तो 18 मार्च को सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित होना लगभग तय है। तहसील ऑफिस, कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी विभागों में काम के लिए जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि अगर प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल, रायपुर के मंत्रालय और कलेक्ट्रेट परिसर में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।