टीआरपी। विशाखापट्टनम के रहने वाले एक रेल यात्री पी एस डी प्रसाद ने ईमानदारी का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए रिफंड में मिले 5385 रुपये भारतीय रेलवे को वापस करने की पहल की है। तकनीकी त्रुटि के कारण IRCTC द्वारा राशि वापस किए जाने के बावजूद, यात्री ने सेवाओं का उपयोग करने के बदले यह पैसा लौटाने के लिए स्वयं रेल अधिकारियों से संपर्क किया।
यह घटना डिजिटल ट्रांजैक्शन के दौर में नैतिक मूल्यों की मजबूती को दर्शाती है। साथ ही, रायपुर रेल मंडल के कर्मचारियों की संवेदनशीलता को भी उजागर करती है, जिन्होंने सिस्टम में बुकिंग कन्फर्म न होने के बावजूद यात्री की परेशानी समझकर उन्हें तत्काल विश्राम कक्ष उपलब्ध कराया।
क्या था पूरा मामला?
यात्री पी एस डी प्रसाद ने 9 से 11 मार्च, 2026 तक दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो रिटायरिंग रूम बुक किए थे। वंदे भारत एक्सप्रेस से रात 10:30 बजे दुर्ग पहुँचने पर पता चला कि तकनीकी कारणों से उनकी बुकिंग कन्फर्म नहीं हुई है, जबकि पैसे कट चुके थे। मौके पर तैनात रेलकर्मी के साईमोन और संजय कुमार शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए यात्री को ठहरने की सुविधा दी।
यात्रा समाप्त होने के बाद जब IRCTC ने ₹5385 का रिफंड यात्री के खाते में डाल दिया, तो उन्होंने ईमेल के जरिए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) को सूचित किया कि वे इस राशि को वापस करना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने रेलवे की सुविधा का लाभ लिया है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने यात्री की इस ईमानदारी की सराहना करते हुए उन्हें और संबंधित रेल कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रक्रिया पूरी कर उक्त राशि IRCTC के खाते में जमा करवाएं।



