छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में विधानसभा घेरने निकले कांग्रेसियों को सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की। इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी हुई।

टीआरपी। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज राजधानी रायपुर में साय सरकार के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए विधानसभा घेराव के लिए कूच किया है। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में प्रदेशभर से जुटे करीब 30,000 से अधिक कार्यकर्ता विभिन्न मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे । विधानसभा घेरने निकले कांग्रेसियों को सुरक्षा कर्मियों ने केनाल रोड़ पर ही रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने आगे नहीं बढ़ने दिया।


यह प्रदर्शन राज्य में विपक्ष के रूप में कांग्रेस की नई रणनीति और सक्रियता को दर्शाता है। मनरेगा, बिजली दरों में वृद्धि और कानून व्यवस्था जैसे सीधे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर कांग्रेस ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में गर्माहट बढ़ना तय है।

अफीम की खेती और महंगाई पर सरकार को घेरा


कांग्रेस का यह ‘विधानसभा घेराव’ मुख्य रूप से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत आयोजित किया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध अफीम की खेती फल-फूल रही है और सरकार दोषियों को संरक्षण दे रही है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम, बिजली कटौती और धान खरीदी में हुई कथित वादाखिलाफी को लेकर कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे हैं।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने रायपुर के मरीन ड्राइव से लेकर विधानसभा मार्ग तक कड़े बंदोबस्त किए और कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए। प्रदर्शन स्थल को लेकर प्रशासन और कांग्रेस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया।

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मंदिर-मस्जिद की आड़ में अब वोट नहीं मिलेगा, रायपुर में गरजे सचिन पायलट

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के विधानसभा घेराव में शामिल होने पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी है कि वह मंदिर-मस्जिद की आड़ लेकर जनता का वोट पा लेगी, जबकि जनता अब उनके अत्याचार और शोषण को समझ चुकी है।

सचिन पायलट ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मनरेगा का 90 प्रतिशत पैसा केंद्र से आता था, लेकिन अब निर्णयों का केंद्रीकरण कर पूरी योजना को कंट्रोल किया जा रहा है। उन्होंने विदेशी नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के निर्णय बाहरी ताकतों के दबाव में दिख रहे हैं, चाहे वह रूस से तेल लेने का मामला हो या युद्ध पर विराम लगाने की बात।

पायलट ने भूपेश बघेल की तारीफ करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हो रही अवैध अफीम की खेती को उजागर कर सरकार की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एलपीजी की भारी किल्लत और कालाबाजारी हो रही है, लेकिन सरकार के आंख-कान बंद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धरना और प्रदर्शन से भले ही इमारतें न टूटें, लेकिन जनता की जागृत शक्ति किसी भी अहंकारी सरकार को उखाड़ फेंकने में सक्षम है।

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विधानसभा का बहिष्कार कर नेता प्रतिपक्ष भी सड़क पर उतरे

इससे पूर्व छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। विधानसभा घेराव के मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महंत ने कहा कि सदन के भीतर सरकार का ध्यान सिर्फ बड़े-बड़े उद्योगपतियों और खदानों पर है, जबकि गरीबों के मुद्दों पर बात करने पर विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है।

सरकार और गरीबों के बीच की खाई बढ़ी


नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सरकार और गरीबों के बीच की खाई को पाटने का काम किया है, लेकिन वर्तमान सरकार इसे बढ़ा रही है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ष्हम गरीबों के लिए जिएंगे और उन्हीं के लिए मरेंगे, लेकिन उनके अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।

भूपेश ने कहा – नरेंद्र भी गायब और सिलेंडर भी गायब

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि देश और प्रदेश में आज गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है और इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से बीजेपी की सरकार आई है, छत्तीसगढ़ के युवाओं को नशे में धकेला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में तीन जगहों पर अफीम की खेती पकड़ी गई है और यदि इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में यह 100 गुना बढ़ जाएगी।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी मनरेगा बचाओ संग्राम के जरिए बिजली दरों में बढ़ोतरी और धान खरीदी में वादाखिलाफी को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा।

प्रमुख मुद्दे: मनरेगा योजना में कटौती, अफीम की अवैध खेती, गैस और बिजली के बढ़ते दाम।

नेतृत्व: राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल।


सचिन पायलट के नेतृत्व में विधानसभा घेराव के बाद कांग्रेस की योजना इन मुद्दों को प्रदेश के हर गांव और ब्लॉक तक ले जाने की है, ताकि आगामी चुनावों से पहले भाजपा की घेराबंदी मजबूत की जा सके।कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन जिला और ब्लॉक स्तर तक और उग्र किया जाएगा।