टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर कुदरत ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने से पूरे प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही बादलों का डेरा है और ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी है। हालांकि इस बदलाव से लोगों को तपती धूप से राहत मिली है, लेकिन अचानक मौसम खराब होने से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

अगले 48 से 72 घंटे भारी, मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके प्रभाव से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। आने वाले दिनों में तापमान में और भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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इन जिलों में दिखेगा ज्यादा असर

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने के आसार हैं। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में किसान अपनी कटी हुई फसलों को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि बेमौसम बारिश और ओले फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

प्रशासन और मौसम विभाग की अपील

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें। तेज हवाओं और अंधड़ के दौरान बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। आकाशीय बिजली (Lightening) गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें।

गौरतलब है कि मार्च के महीने में इस तरह का मौसमी सिस्टम सक्रिय होना असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार इसकी तीव्रता ज्यादा देखी जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

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