लगातार दूसरे साल IPL (Indian Premier League) और पाकिस्तान सुपर लीग एक ही समय पर हो रही हैं, और विदेशी खिलाड़ियों ने पीएसएल को ठेंगा दिखाकर भारत का रुख करना शुरू कर दिया है। इस ‘पलायन’ से तिलमिलाए पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने अब खिलाड़ियों को खुली धमकी देते हुए कानूनी कार्रवाई और बैन (Ban) की चेतावनी दी है।

किन खिलाड़ियों ने बढ़ाई पीसीबी की टेंशन?

बता दें कि श्रीलंका के दिग्गज ऑलराउंडर दासुन शनाका और जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने ऐन वक्त पर पीएसएल से किनारा कर लिया है:

दासुन शनाका: लाहौर कलंदर्स को छोड़कर अब राजस्थान रॉयल्स की जर्सी में नजर आएंगे। उन्हें चोटिल सैम करन की जगह रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया है।

ब्लेसिंग मुजरबानी: इन्होंने केकेआर (KKR) के साथ डील फाइनल होते ही पीएसएल को अलविदा कह दिया।

नकवी की गीदड़भभकी और कार्रवाई का डर

मोहसिन नकवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि नियमों के उल्लंघन पर खिलाड़ियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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बैन की तलवार: पिछले साल कॉर्बिन बॉश को पीएसएल छोड़कर मुंबई इंडियंस जाने पर एक साल के लिए बैन किया गया था। नकवी ने संकेत दिए हैं कि शनाका और मुजरबानी का हश्र भी यही होगा।

मजबूरी का तर्क: नकवी का कहना है कि वे आईपीएल से टकराव नहीं चाहते थे, लेकिन पीएसएल के लिए साल में कोई और विंडो खाली नहीं थी।

संकट में पीएसएल: बंद दरवाजों और तेल संकट की मार

दरअसल, पीएसएल का यह सीजन मैदान के बाहर की चुनौतियों से भी जूझ रहा है:

तेल संकट: पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण पैदा हुए तेल संकट की वजह से अब यह टूर्नामेंट 6 के बजाय केवल 2 वेन्यू (लाहौर और कराची) तक सीमित कर दिया गया है।

खाली स्टेडियम: सुरक्षा और अन्य कारणों से मैच ‘बंद दरवाजों’ (दर्शकों के बिना) के पीछे खेले जाएंगे।

नाम वापस लेने वाले अन्य खिलाड़ी: गुडाकेश मोती, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, ओटनील बार्टमैन और स्पेंसर जॉनसन ने भी निजी कारणों से नाम वापस ले लिया है।

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