टीआरपी। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है। उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बुधवार, 25 मार्च 2026 से शुरू हो रहा यह आयोजन राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र (Sports Ecosystem) के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। इस भव्य प्रतियोगिता में देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3,800 प्रतिभागी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ओलंपिक स्तर की सुविधाएं और राष्ट्रीय मंच मिलने से स्थानीय प्रतिभाओं को सीधा लाभ होगा। रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजनों से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों के साथ खेलने का सीधा अनुभव प्राप्त होगा।
106 स्वर्ण पदक के लिए मचेगा घमासान
इस प्रतियोगिता में कुल 9 खेलों को शामिल किया गया है, जिसमें 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे, जबकि तैराकी (24), कुश्ती (18) और वेटलिफ्टिंग (16) प्रमुख आकर्षण होंगे। खेलों का वितरण इस प्रकार किया गया है:
रायपुर: हॉकी और फुटबॉल (टीम खेल)।
जगदलपुर: एथलेटिक्स।
सरगुजा: कुश्ती।
प्रदर्शन खेल: मल्लखंब और कबड्डी।
दिग्गजों का मिला साथ, दिखेगी लैंगिक समानता
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की, स्टार खिलाड़ी सलीमा टेटे और धावक अनिमेष कुजूर ने इस पहल की सराहना की है।तिर्की ने कहा कि यह आदिवासी युवाओं के लिए देश का प्रतिनिधित्व करने का सबसे बड़ा अवसर है। खास बात यह है कि इस आयोजन में पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात 50-50 प्रतिशत रखा गया है, जो ओलंपिक चार्टर के लैंगिक समानता के सिद्धांत को दर्शाता है।
कुल प्रतिभागी: लगभग 3,800 खिलाड़ी।
कुल स्वर्ण पदक: 106 मेडल।
प्रमुख खेल: एथलेटिक्स (34 स्वर्ण), तैराकी (24), कुश्ती (18)।
मेजबान शहर: रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा।
25 मार्च से शुरू होकर यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल तक चलेगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के कोच इस दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पैनी नजर रखेंगे, ताकि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय स्टार्स की पहचान की जा सके।


