अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध विराम के संकेतों से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 4.78 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद कीमतें अब 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई हैं।
ट्रंप का दांव और तेल की कीमतों में गिरावट
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने बाजार का रुख बदल दिया है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन और तेहरान (ईरान) के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है।
15 सूत्रीय फॉर्मूला: बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला एक खास प्रस्ताव रखा है, जिसका मकसद जारी संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म करना है।
सप्लाई का डर खत्म: कूटनीतिक प्रगति की उम्मीदों ने बाजार में तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका को कम कर दिया है, जिससे पिछले सत्र की पूरी बढ़त खत्म हो गई।
ईरान का रुख और ट्रंप की भविष्यवाणी
गौरतलब है कि ईरान ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ईरान समझौते के लिए काफी इच्छुक नजर आ रहा है।
जानकारों का मानना है कि अगर यह समझौता सिरे चढ़ जाता है, तो तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। ट्रंप ने खुद संकेत दिए हैं कि युद्ध खत्म होते ही ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम और भी नीचे आएंगे, जिसका सीधा असर भारत में ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा।


