west asia crisis: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के और लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव को एकतरफा और अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया है। हालांकि, तेहरान ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए नया प्रस्ताव पेश करता है, तो बातचीत की गुंजाइश बनी रह सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान पहुंचा था, जिस पर बुधवार रात ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सुप्रीम लीडर ने विस्तृत चर्चा की।

west asia crisis: प्रस्ताव पर ईरान की आपत्ति, लेकिन कूटनीति के दरवाजे खुले

ईरानी अधिकारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल अमेरिका और इज़रायल के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जबकि ईरान के हितों की अनदेखी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव का सार यह है कि ईरान अपनी रक्षा क्षमता छोड़ दे, जबकि प्रतिबंध हटाने को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया। ईरान ने स्पष्ट किया कि मौजूदा तनाव के बावजूद कूटनीति पूरी तरह बंद नहीं हुई है। तेहरान का कहना है कि यदि वॉशिंगटन में यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाया जाता है, तो समाधान संभव है।

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west asia crisis: रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान की तरफ से युद्ध को खत्म करने के लिए मुख्य तौर पर पांच शर्तें रखी गई थीं, जिनमें सबसे प्रमुख अमेरिका और इजरायल तेहरान पर हमले तुरंत रोकें, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करें और होर्मजु का संपूर्ण नियंत्रण दें। इसके अलावा ईरान पर लगे हुए प्रतिबंध भी हटाएं।

west asia crisis: ट्रंप ने फिर धमकाया

ईरान को 48 घंटे की चेतावनी देकर 5 दिन के लिए युद्धविराम को घोषणा करके चौंकाने वाले ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर से ईरान को धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि ईरान समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस मामले पर गंभीर नहीं होता है, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे।

west asia crisis: उन्होंने लिखा, “ईरानी अधिकारी बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं, उन्हें ऐसा ही करना चाहिए,क्योंकि वह सैन्य रूप से खत्म हो चुके हैं। उनके वापसी करने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन इसके बाद भी वह सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं, कि वह हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उन्हें जल्दी ही गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी। क्योंकि अगर एक बार ऐसा हो गया तो फिर लौटने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।

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