बिलासपुर। जिले के कोटा क्षेत्र में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित रिसॉर्ट में कथित तौर पर हिरण का मांस पकाया जा रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश दी और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गुप्त सूचना पर मारा था छापा

वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कोटा से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित कुरदर वैली रिसॉर्ट में वन्यजीव संरक्षण कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शाम करीब 6 बजे टीम ने छापा मारा तो देखा कि किचन के बाहर चूल्हे पर संदिग्ध मांस पकाया जा रहा था। मौके से पका हुआ मांस, कढ़ाई और अन्य सामान जब्त किया गया। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद लोगों को हिरासत में लिया।

कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट मैनेजर रजनीश सिंह, कर्मचारी रमेश यादव, संजय वर्मा और रसोइया रामकुमार टोप्पो को गिरफ्तार किया गया। रात करीब 11:15 बजे सभी आरोपियों से बेलगहना रेस्ट हाउस में पूछताछ की गई।

मुख्य आरोपी की हो रही तलाश

पूछताछ के दौरान मैनेजर और कर्मचारियों ने खुद को अनजान बताते हुए पूरा दोष रसोइए पर डाल दिया।
वहीं रसोइया रामकुमार टोप्पो ने बताया कि सुबह गांव का एक व्यक्ति जनक बैगा पत्ते में मांस लाकर गया था और उसे पकाने को कहा था। वन विभाग के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी जनक बैगा अभी फरार है। उसकी तलाश में कुरदर गांव और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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जब्त किए गए मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मांस हिरण का था या किसी अन्य जंगली जानवर का।

बताया जा रहा है कि यह रिजॉर्ट पर्यटन विभाग के अधीन संचालित होता है और यहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं।वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।