टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) अब हकीकत बनने के बेहद करीब है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि भारत की आधुनिकता का नया चेहरा बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही यहाँसे विमानों का शोर सुनाई देने लगेगा।
क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट?
जेवर एयरपोर्ट की खासियतें इसे दुनिया के बेहतरीन हवाई अड्डों की कतार में खड़ा करती हैं। यह भारत और एशिया का सबसे बड़ा, जबकि दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। ये पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस अनुभव प्रदान करने वाला स्मार्ट एयरपोर्ट होगा। एयरपोर्ट सीधे तौर पर यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा होगा। यहां एक विशाल कार्गो टर्मिनल भी बन रहा है, जिससे उत्तर भारत के व्यापार को नई गति मिलेगी।
कितनी लागत से हो रहा तैयार?
इस भव्य प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है। पहले चरण के निर्माण में ही करीब 4,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी दिग्गज कंपनियां इसके निर्माण कार्य में दिन-रात जुटी हुई हैं।
कब से उड़ान भरेगी पहली फ्लाइट?
गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। ताजा अपडेट के मुताबिक एयरपोर्ट पर रनवे का काम पूरा हो चुका है और ट्रायल रन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि उद्घाटन के कुछ दिनों के बाद ही यहां से पहली आधिकारिक कमर्शियल फ्लाइट उड़ान भरेगी। इसके शुरू होते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर बोझ काफी कम हो जाएगा।
जनता पर असर और भविष्य की संभावना
दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के आने से आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी (YEIDA) के क्षेत्र में लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। प्रशासन ने यहाँ आने वाले यात्रियों के लिए पॉड टैक्स और मेट्रो की सुविधा पर भी काम तेज कर दिया है।



