टीआरपी डेस्क। बिहार के नालंदा से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहां चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला माता मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान मची भगदड़ में 8 लोगों की जान चली गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

दर्शन की जल्दबाजी और अव्यवस्था ने ली जान

दरअसल, चैत्र के आखिरी मंगलवार के चलते मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ था। मंदिर परिसर में सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर थे। इसी बीच कुछ लोगों ने दर्शन की होड़ में कतार तोड़ दी। देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।

चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन

जैसे ही भगदड़ की सूचना मिली, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला। पुलिस ने तत्काल दर्जन भर से अधिक लोगों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद 8 श्रद्धालुओं को मृत घोषित कर दिया। करीब आधा दर्जन घायलों का इलाज अभी भी जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।

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राष्ट्रपति का दौरा और सुरक्षा में चूक?

गौरतलब है कि आज ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए जिले में मौजूद हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रशासन का पूरा ध्यान वीआईपी ड्यूटी और यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम की तरफ था। शायद यही वजह रही कि इतने बड़े आस्था केंद्र शीतला मंदिर में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी, जिसके कारण आज यह बड़ा हादसा हो गया।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद अब स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब पता था कि चैत्र मंगलवार को हजारों की भीड़ उमड़ेगी, तो पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? फिलहाल पुलिस हालात को काबू करने और घायलों को बेहतर इलाज दिलाने में जुटी है, लेकिन इस लापरवाही ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं।