RBI Rupee News Update: दुनिया भर में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन इन सबके बीच भारतीय रुपये ने वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के एक कड़े फैसले ने रुपये को संजीवनी दे दी है। 12 सालों के इतिहास में पहली बार रुपया एक ही दिन में इतना मजबूत हुआ है कि बड़े-बड़े अर्थशास्त्री भी हैरान हैं।
अचानक कैसे बढ़ा रुपया?
1. सट्टेबाजों पर लगाम (The NDF Ban): दरअसल, विदेशी बाजारों में कुछ लोग रुपये पर सट्टा (Speculation) लगाते हैं। वे दांव खेलते हैं कि रुपया और गिरेगा, जिससे बाजार में डॉलर की मांग नकली तरीके से बढ़ जाती है।
- RBI का एक्शन: आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिया कि वे अब रुपये वाले NDF (Non-Deliverable Forwards) किसी को भी ऑफर नहीं करेंगे।
- नतीजा: सट्टेबाजों का खेल खत्म हो गया। उन्हें अपनी पुरानी पोजीशन काटनी पड़ी और जैसे ही उन्होंने डॉलर बेचे, रुपया तेजी से ऊपर भाग गया।
2. डॉलर की डिमांड खत्म होना: बता दें कि जब बैंक और कंपनियां डेरिवेटिव्स बुक करते हैं, तो वे भविष्य के डर से डॉलर जमा करने लगते हैं।
- नया नियम: RBI ने कंपनियों को कैंसिल किए गए डेरिवेटिव्स दोबारा बुक करने से रोक दिया। इससे बाजार में डॉलर की वो डिमांड खत्म हो गई जो सिर्फ डर की वजह से बनी थी।
3. 12 साल की सबसे बड़ी शॉर्ट कवरिंग: गौरतलब है कि पिछले 12 सालों में ऐसी मजबूती नहीं देखी गई थी। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही RBI का आदेश आया, बैंकों ने अपनी Offshore Long Dollar Position कम करना शुरू कर दिया। जिससे रुपए में 1.8% की यह उछाल आया।
ट्रंप की धमकी के बावजूद रुपया स्थिर: हैरानी की बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्ध को और तेज करने की धमकी दी है, जिससे कच्चा तेल 106 डॉलर पर पहुंच गया। आम तौर पर तेल महंगा होने पर रुपया गिरता है, लेकिन RBI के इस ‘शिल्ड’ (सुरक्षा कवच) ने रुपये को टूटने नहीं दिया।
बता दें कि ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) सीधे 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। पिछला साल (FY26) रुपये के लिए एक दशक का सबसे बुरा साल रहा था, जहां रुपया 95 के स्तर को पार कर गया था। लेकिन अब RBI के एक्शन ने स्टेबिलिटी ला दी है।
आगे क्या होगा?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI के इस कदम से डॉलर की डिमांड कम होगी। CR फॉरेक्स एडवाइजरी के अमित पबारी के मुताबिक, आने वाले समय में रुपये में और मजबूती या कम से कम स्थिरता देखने को मिलेगी। इससे आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि आयात होने वाली चीजें बहुत ज्यादा महंगी नहीं होंगी।
जब रुपया मजबूत होता है, तो इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है। अगर रुपया गिरता रहता, तो पेट्रोल-डीजल और खाने का तेल और भी महंगा हो जाता। RBI के इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था को सुरक्षा मिली है।



