Hormuz crisis: लंदन/तेहरान/वॉशिंगटन। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन में जल्द एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक होने जा रही है, जिसमें करीब 35 देश हिस्सा लेंगे। बता दें होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर होने वाली बैठक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हो रही है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट संकट को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को लेनी चाहिए।

Hormuz crisis: इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी इसमें शामिल होंगे। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के 20% ऑयल का ट्रांसपोर्ट होता है। जंग की वजह से जहाज इस रूट से नहीं गुजर पा रहे हैं, जिससे कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर से ज्यादा हो गए हैं।

Hormuz crisis: ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा होर्मुज IRGC

वहीं, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में आने वाला नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। ईरान का कहना है कि यह रास्ता तभी खुलेगा जब उनकी शर्तें मानी जाएंगी।

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Hormuz crisis: राष्ट्र के नाम संबोधन ट्रम्प बोले- ईरान पर जीत हासिल की, उनकी सेना हमारे कंट्रोल में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है।

Hormuz crisis: ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है। ट्रम्प ने युद्ध की लागत और इसके लंबा खिंचने से चिंतित अमेरिकियों से कहा कि वे इस संघर्ष को सही नजरिए से देखें।

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Hormuz crisis: उन्होंने इराक (8 साल) और वियतनाम (19 साल) जैसे पिछले अमेरिकी युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान जंग तो अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है। उन्होंने यह भी माना कि लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है, लेकिन कहा कि यह युद्ध जरूरी है। उन्होंने कहा, यह आपके बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश है।