टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चर्चित अफीम की खेती मामले में एक बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। शासन ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू का निलंबन रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है। गौरतलब है कि ग्राम समोदा में मक्के की फसल की आड़ में हो रही अवैध अफीम की खेती के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें सस्पेंड किया गया था।
सर्वेक्षण में लापरवाही का था आरोप
दरअसल, प्रशासन ने एकता साहू पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने क्षेत्र के खेतों का धरातल पर जाकर सही तरीके से सर्वेक्षण नहीं किया। कागजों में जिस जमीन पर मक्के की फसल दिखाई गई थी, असल में वहां बड़े पैमाने पर अफीम उगाई जा रही थी। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन के चलते उन पर गाज गिरी थी, लेकिन अब उन्हें विकासखंड धमधा के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय में पदस्थ किया गया है।
बीजेपी नेता समेत 7 आरोपी सलाखों के पीछे
बता दें कि इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब दुर्ग पुलिस ने ग्राम समोदा में छापा मारा। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उनके सहयोगियों समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
मक्के की आड़ में 8 करोड़ का काला सोना
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में जो तथ्य सामने आए थे, वे चौंकाने वाले थे। लगभग 5 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम उगाई जा रही थी। मौके से करीब 8 करोड़ रुपये कीमत की अफीम और उसके पौधे जब्त किए गए थे। प्रशासन ने ट्रैक्टर चलवाकर अफीम की पूरी फसल को मौके पर ही नष्ट कर दिया था।
धमधा में मिली नई जिम्मेदारी
निलंबन से बहाली के बाद एकता साहू को फिलहाल वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय, धमधा में अपनी सेवाएं देने का आदेश जारी हुआ है। हालांकि, अफीम की अवैध खेती का यह मामला अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है क्योंकि इसमें राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक चूक के कई सवाल जुड़े हुए हैं।


