धमतरी। जिले के दूरस्थ एवं डुबान प्रभावित इलाकों में निवासरत ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गंगरेल बांध क्षेत्र में “वॉटर एंबुलेंस सेवा” की शुरुआत की गई है। इसी कड़ी में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डुबान क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

पहले 50 और अब 7 किलोमीटर की रह जाएगी दूरी

कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि डुबान क्षेत्र के ग्रामीणों को अब तक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उपचार मिलना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। इस समस्या के निराकरण हेतु शुरू की गई वॉटर एंबुलेंस सेवा के माध्यम से अब ग्रामीणों को त्वरित एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पहले जहां जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जलमार्ग के माध्यम से यह दूरी घटकर लगभग 7 किलोमीटर रह जाएगी।

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उन्होंने बताया कि इस सेवा से 7 पंचायतों के लगभग 32 गांवों के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। वॉटर एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को लगभग 45 मिनट में धमतरी पहुंचाया जा सकेगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षा भी संभव हो सकेगी। इस सेवा के सुचारू संचालन हेतु शीघ्र ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।

दूरस्थ अंचल के लिए जीवन रक्षक सेवा

कलेक्टर ने कहा कि यह पहल केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए जीवन रक्षक सेवा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक भी स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आवश्यक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार कर इसे और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि डुबान क्षेत्र के ग्रामीणों को लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। वॉटर एंबुलेंस सेवा के माध्यम से हमने इस दूरी को कम करने का प्रयास किया है। हमारा लक्ष्य है कि आपात स्थिति में किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में परेशानी न हो। यह सेवा निश्चित रूप से क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगी।”

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पर्यटन की संभावनाएं भी तलाशी

इस दौरे के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने हरफर गांव की प्राकृतिक सुंदरता का अवलोकन करते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां रेस्टोरेंट, बोटिंग, होम-स्टे एवं पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।

उन्होंने कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और योजनाबद्ध विकास के माध्यम से इसे पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जा सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र की पहचान भी बढ़ेगी। यह पहल डुबान क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खोलने का कार्य करेगी।