रायपुर। Jaggi Murder Case: छत्तीसगढ़ की राजनीति के सबसे चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद इंसाफ की घड़ी आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार दिया है और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सतीश जग्गी का भावुक बयान: हमें धमकाया गया
फैसले के बाद राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा, आज न्यायपालिका की जीत हुई है। इस लंबी लड़ाई के दौरान हमें और हमारे परिवार को कई बार डराया-धमकाया गया। मेरी बहन की शादी तक में अड़चनें डाली गईं, लेकिन हमें अदालत पर भरोसा था। सतीश ने आगे कहा कि वे कोर्ट से अमित जोगी को फांसी की सजा देने और उनका पासपोर्ट जब्त करने की गुहार लगाएंगे।
दरअसल, हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 78 पन्नों के अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया है कि अमित जोगी इस पूरी साजिश का हिस्सा थे। कोर्ट ने माना कि अमित जोगी हत्याकांड की साजिश रचने के दोषी हैं। अमित जोगी को आजीवन कारावास के साथ 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त जेल होगी। कोर्ट ने कहा कि जब सभी आरोपी एक ही अपराध में शामिल थे, तो अमित जोगी को बिना किसी विशेष कारण के बरी नहीं किया जा सकता था।
23 अप्रैल तक का समय, सुप्रीम कोर्ट पर टिकी निगाहें
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है, जिसकी मियाद 23 अप्रैल को खत्म हो रही है। इस बीच, अमित जोगी के वकील वैभव वालिया ने इस मामले में कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
बता दें कि अमित जोगी ने इस सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह उम्रकैद के खिलाफ अपील और कनविक्शन ऑर्डर पर 20 अप्रैल को सुनवाई करेगा। अगर वहां से राहत नहीं मिली, तो अमित जोगी को जेल जाना ही होगा।



