वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया का दिन सनातन परंपरा में सबसे अबूझ और शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं, जिसका फल अक्षय होता है। बता दें कि अक्षय का अर्थ ही यही है।जिसका कभी क्षय या नाश न हो। इस दिन किए गए दान-पुण्य और खरीदारी का लाभ जीवनभर मिलता है।
दुर्लभ राजयोगों का अनोखा संयोग
इस बार की अक्षय तृतीया बेहद खास है क्योंकि आसमान में कई दुर्लभ योग एक साथ बन रहे हैं। दरअसल, इस दिन शुक्र देव वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मालव्य राजयोग का निर्माण होगा। चंद्रमा भी अपनी उच्च राशि वृषभ में होंगे, जिससे गजकेसरी योग बनेगा। गौरतलब है कि इसी दिन भगवान परशुराम, नर-नारायण और हयग्रीव का अवतार हुआ था। साथ ही, बद्रीनाथ धाम के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं।
इन 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की के द्वार
ज्योतिष गणना के अनुसार, इन चार राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है।
मेष राशि
अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, तो अब आपकी मेहनत रंग लाएगी। कामकाज में कोई बड़ी डील आपके हाथ लग सकती है।
सिंह राशि
समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। निवेश से जुड़े मामलों में तगड़ा मुनाफा होने के योग हैं। अगर संपत्ति को लेकर कोई पुराना पारिवारिक विवाद चल रहा है, तो वह सुलझ सकता है।
वृश्चिक राशि
अटका हुआ पैसा वापस मिलने की पूरी संभावना है। अगर आप नया बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सबसे अनुकूल है। किस्मत का पूरा साथ मिलेगा।
धनु राशि
आपके सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। घर या गाड़ी खरीदने का सपना इस अक्षय तृतीया पर पूरा हो सकता है। ऑफिस में बड़े अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे कमाई के नए रास्ते खुलेंगे।
बांके बिहारी के चरणों के दर्शन
बता दें कि साल में सिर्फ इसी दिन वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी जी के श्रीचरणों के दर्शन भक्तों को प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि इस तिथि को सोने-चांदी की खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम माना गया है।


