टीआरपी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व आज एक बेहद खास पल का गवाह बना। क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का परिवार अचानक यहाँ के वनांचल गांव बम्हनी पहुँचा। इस दौरान तेंदुलकर परिवार की सादगी देखकर ग्रामीण और छोटे-छोटे बच्चे उत्साहित हो उठे।
इतने बड़े सेलिब्रिटी परिवार का सुदूर वनांचल क्षेत्र के बैगा आदिवासियों के बीच पहुँचना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि हाशिए पर रहने वाले बच्चों के पोषण और शिक्षा की ओर दुनिया का ध्यान भी आकर्षित करता है। तेंदुलकर परिवार का यह दौरा सामाजिक जिम्मेदारी (Social Responsibility) की एक अनूठी मिसाल है।
फुलवारी केंद्र में बच्चों संग बिताया समय
दौरे के दौरान सचिन की पत्नी अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक ने गांव में संचालित फुलवारी केंद्र का दौरा किया। यहाँ उन्होंने नन्हे बैगा बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर बात की और उनके साथ समय बिताया। परिवार के सदस्यों ने बच्चों के स्वास्थ्य, खेल-कूद और पोषण संबंधी जानकारी ली।
ग्रामीणों से की चर्चा, समझा जमीनी स्तर का काम
तेंदुलकर परिवार ने केवल बच्चों के साथ समय ही नहीं बिताया, बल्कि गांव के बुजुर्गों और महिलाओं से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी सुविधाओं और शिक्षा के स्तर में सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। ग्रामीणों के लिए यह किसी सपने से कम नहीं था कि जिस खिलाड़ी को पूरी दुनिया पूजती है, उनका परिवार उनके बीच बैठा है।
मुख्य बिंदु:
खास मेहमान: अंजलि, सारा तेंदुलकर और सानिया चंडोक।
स्थान: बम्हनी गांव, अचानकमार टाइगर रिजर्व (मुंगेली)।
उद्देश्य: बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की स्थिति को करीब से समझना।
अचानकमार टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के साथ-साथ विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के निवास के लिए भी जाना जाता है।
फुलवारी केंद्र वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के कुपोषण को दूर करने और उनकी प्रारंभिक शिक्षा के लिए चलाए जाने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
तेंदुलकर परिवार के इस दौरे के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अचानकमार क्षेत्र के इन वनांचल गांवों में सुविधाओं के विस्तार और बच्चों के कल्याण के लिए कुछ नई पहलों की शुरुआत हो सकती है।



