रायपुर। छत्तीसगढ़ में मनरेगा (MNREGA) के तहत काम करने वाले लाखों मजदूरों के लिए राहत और सतर्क करने वाली खबर है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और भुगतान में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब तक प्रदेश के 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों का ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट कर लिया गया है।
फर्जी हाजिरी पर लगेगी लगाम, मोबाइल ऐप से होगा काम
दरअसल, गांवों में मनरेगा के काम के दौरान अक्सर फर्जी हाजिरी की शिकायतें मिलती थीं। इसे खत्म करने के लिए अब मजदूरों की हाजिरी मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचान प्रणाली) से दर्ज की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे अब कोई दूसरा व्यक्ति किसी और की जगह हाजिरी नहीं लगा पाएगा। इससे कागजों में होने वाले हेर-फेर पर पूरी तरह से रोक लगेगी। मिली जानकारी के अनुसार, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने 11 लाख से ज्यादा कामों (परिसंपत्तियों) की जियो टैगिंग भी पूरी कर ली है। 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में 2.86 लाख कार्यों की लिस्ट GIS तकनीक से तैयार की गई है, ताकि गांव की जरूरत के हिसाब से नए काम तय हो सकें।
QR कोड स्कैन कर कोई भी देख सकेगा काम का ब्योरा
बता दें कि गांवों में अब QR कोड लगाए गए हैं। कोई भी ग्रामीण अपने मोबाइल से इसे स्कैन करके काम की पूरी जानकारी ले सकता है। पिछले कुछ महीनों में 5 लाख से ज्यादा बार इन कोड्स को स्कैन किया गया है।


