टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह-सुबह एक बार फिर बड़ी कार्रवाई कर दी है। भर्ती घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी ने दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस कार्रवाई ने राज्य की सियासत में एक बार फिर भूचाल ला दिया है।

पूर्व मंत्री के घर पहुंची टीम, समन की अनदेखी पड़ी भारी

मैदानी सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम आज सुबह राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर पहुंची। बता दें कि एसएससी (SSC) घोटाले से जुड़े मामले में जांच अधिकारी ने पार्थ चटर्जी को तीन बार समन जारी किया था, लेकिन वे एक बार भी पेश नहीं हुए। एजेंसी की इस सख्ती को उनकी इसी ‘लापरवाही’ का नतीजा माना जा रहा है। फिलहाल पार्थ चटर्जी कई भर्ती घोटालों में जांच के घेरे में हैं।

जेल में बंद प्रसन्न कुमार रॉय के दफ्तर में भी दबिश

गौरतलब है कि सिर्फ पूर्व मंत्री ही नहीं, बल्कि प्रसन्न कुमार रॉय के कार्यालय पर भी ईडी की रेड चल रही है। प्रसन्न कुमार रॉय पहले से ही जेल में बंद हैं और उनके तार सीधे तौर पर भर्ती घोटाले से जुड़े बताए जाते हैं। एजेंसी अब उनके दफ्तर के दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि पैसों के लेन-देन (Money Trail) की कड़ी को जोड़ा जा सके।

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इन घोटालों की हो रही है गहन जांच

दरअसल, बंगाल में हुए भर्ती घोटाले की परतें काफी गहरी हैं। ईडी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से इन मामलों पर केंद्रित है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाला में योग्य उम्मीदवारों को छोड़कर पैसे लेकर नियुक्तियां करने का आरोप, एसएससी (SSC) असिस्टेंट टीचर भर्ती में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को नौकरी बांटना, एसएससी ग्रुप सी और डी स्टाफ भर्ती मामले में बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन के सबूत मिले हैं।

बता दें कि ईडी अब इन छापों के दौरान जब्त किए गए डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों का मिलान करने वाली है। बंगाल की राजनीति में इस रेड को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्थ चटर्जी ममता बनर्जी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे हैं। अब देखना होगा कि इस छापेमारी में एजेंसी के हाथ क्या नए दस्तावेज लगते हैं और इससे घोटाले के किन बड़े चेहरों की नींद उड़ती है।

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