नई दिल्ली/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे और राज्य में नई सरकार के गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
7 सर्कुलर रोड बना नया ठिकाना
नीतीश कुमार के इस्तीफे की औपचारिक घोषणा से पहले ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘1-अणे मार्ग’ में हलचल तेज हो गई है। उनका निजी सामान ट्रैक्टरों के जरिए 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। यह वही बंगला है जहाँ नीतीश कुमार उस वक्त रहे थे जब उन्होंने 2014 में जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। परंपरा रही है कि जब भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, वे इसी बंगले को अपना निवास बनाते हैं।
चारों सदनों के सदस्य बनने वाले छठे नेता
नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता लेते ही एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे देश के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं जो लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद और अब राज्यसभा यानी चारों सदनों के सदस्य रहे हैं। वे बिहार के ऐसे छठे नेता बने हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
नई सरकार का संभावित स्वरूप
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में एनडीए की नई सरकार के लिए बीजेपी और जेडीयू के बीच समझौता तय हो चुका है। इस नए गठबंधन में सत्ता का संतुलन कुछ इस तरह हो सकता है। इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा (BJP) के पास जा सकती है। चर्चा है कि सम्राट चौधरी राज्य के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। जेडीयू (JDU) को दो डिप्टी सीएम पद मिल सकते हैं।
बीजेपी के कोटे से मुख्यमंत्री सहित 15 मंत्री और जेडीयू के कोटे से 16 मंत्री बनाए जा सकते हैं। गृह मंत्रालय (Home Ministry) इस बार बीजेपी अपने पास रख सकती है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) का पद भी बीजेपी के पास रहने की उम्मीद है। विधान परिषद के अध्यक्ष का पद जेडीयू को दिया जा सकता है।


