टीआरपी। रायपुर नगर निगम के जोन-10 अमलीडीह कार्यालय से करीब 100 एकड़ बेशकीमती जमीन से जुड़ी अहम फाइल गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बड़ी लापरवाही या साजिश के सामने आने के बाद निगम आयुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे को पद से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया है।
गायब हुई फाइल में बोरियाकला क्षेत्र के ओम नगर, साईं नगर और बिलाल नगर के 69 भूखंडों की लेआउट डिटेल थी। इस फाइल के गायब होने से अवैध निर्माण और बिल्डरों को अनुचित लाभ मिलने की आशंका है, जिसका सीधा असर आम जनता की संपत्तियों और सरकारी राजस्व पर पड़ेगा।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर टाउन प्लानिंग भेजी गई फाइल
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फाइल नियमानुसार नगर निगम मुख्यालय भेजी जानी थी। लेकिन नियमों के विपरीत इसे सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (नगर निवेश) विभाग भेज दिया गया, जहां से यह अब लापता है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन है और इसके पीछे किसी बड़े सिंडिकेट का हाथ हो सकता है।
नगर निगम आयुक्त ने मोनेश्वर शर्मा को जोन-10 का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। पदभार संभालते ही उन्होंने संकेत दिए हैं कि इस मामले में जल्द ही पुलिस में FIR दर्ज कराई जाएगी ताकि दोषियों को जेल भेजा जा सके।
महापौर ने जताई कड़ी नाराजगी
महापौर मीनल चौबे ने इस घटना को नगर निगम की छवि पर दाग बताते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और सभी संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए हैं।
गायब फाइल में 69 प्लॉटों के लेआउट और मालिकाना हक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज थी।
प्रभावित इलाका बोरियाकला रायपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक है, जहाँ जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं।
नए जोन कमिश्नर द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपते ही पुलिस कार्रवाई शुरू होगी। निगम प्रशासन अब पुराने डिजिटल रिकॉर्ड्स खंगाल रहा है ताकि लेआउट की जानकारी दोबारा जुटाई जा सके और बिल्डरों के किसी भी अवैध प्रयास को विफल किया जा सके।



