सक्ती/रायगढ़। सक्ती के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने आज एक और जख्म दे दिया है। रायगढ़ के लखीराम मेडिकल कॉलेज में कई दिनों से मौत से लड़ रहे घायल श्रमिक मनीष कुमार ने आज दम तोड़ दिया। मनीष की मौत के बाद इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर अब 24 हो गई है। प्रशासन और डॉक्टरों की पूरी टीम अब भी उन 9 मजदूरों को बचाने में जुटी है, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 पर एफआईआर, सियासत गरमाई
बता दें कि इस मामले में सक्ती पुलिस ने बेहद सख्त कदम उठाते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि बड़े उद्योगपति अनिल अग्रवाल पर कार्रवाई के बाद भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जिससे इस मामले में अब सियासी रंग भी घुलने लगा है।
कैसे हुआ धमाका? जांच टीम ने खोली पोल
दरअसल, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने मामले की तह तक जाने के लिए एएसपी के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। प्रारंभिक जांच और फोरेंसिक (FSL) रिपोर्ट ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। बॉयलर के फर्नेस में जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा हो गया था, जिससे दबाव (Pressure) असामान्य रूप से बढ़ गया। इसी भारी दबाव के कारण बॉयलर का निचला पाइप उखड़ गया और जोरदार धमाका हुआ। जांच में सामने आया है कि मशीनरी के रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया था।
सीएम साय का कड़ा रुख: मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं और साफ कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर श्रम कानूनों के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। मैदानी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, पीएमओ (PMNRF) की तरफ से भी मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।


