टीआरपी डेस्क। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर आज से उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षणों के गवाह बनने के लिए देशभर से हजारों की संख्या में भक्त उत्तरकाशी पहुंचे हैं। मां गंगा और मां यमुना के जयकारों के साथ पूरा हिमालयी क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
पीएम मोदी के नाम हुई पहली पूजा
गंगोत्री धाम में मंदिर के द्वार खुलते ही पहली विशेष पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। खरसाली से अपनी शीतकालीन गद्दी छोड़कर मां यमुना की डोली भी छह किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर अपने धाम पहुंची, जिसके बाद भक्तों का हुजूम मंदिर की ओर उमड़ पड़ा। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें।
बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली ऊखीमठ से फाटा के लिए रवाना
चारधाम यात्रा के अन्य पड़ावों की बात करें तो बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली भी अपने शीतकालीन पड़ाव ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से फाटा के लिए रवाना हो चुकी है। बाबा की यह डोली 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी और उसके अगले दिन यानी 22 अप्रैल को केदारनाथ मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले जाएंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही अब उत्तराखंड की आर्थिकी और आस्था का सबसे बड़ा उत्सव शुरू हो गया है, जिसकी रौनक अगले छह महीनों तक बनी रहेगी।



