बस्तर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने के लिए नहीं बल्कि एक “फरार” तोते को पकड़ने पहुंच गई! अब जब इस वाकए का वीडियो वायरल हुआ तब अफसर अपनी सफाई में हास्यास्पद बात कह रहे हैं।

यह मामला है नारायणपुर जिला मुख्यालय के OBC बॉयज हॉस्टल के पास का। जहां बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड से जुड़े एक अफसर का पालतू तोता पिंजरे से निकलकर एक ऊंचे साल के पेड़ पर जा बैठा। अब तोता उड़ गया, लेकिन उसकी “आजादी” ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई, क्योंकि उसे पकड़ने के लिए सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया गया।

दमकल कर्मियों ने आनन फानन में पेड़ पर लगातार पानी की तेज बौछार की, मानो कोई बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा हो! भीषण गर्मी और घंटों तक पानी की बारिश। आखिरकार भीगकर तोता नीचे गिरता है और उसे पकड़कर वापस ले जाया जाता है।

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जिला सेनानी ने बताया फायर वाहन का प्रेशर चेक..!

इस वाकए का वीडियो वायरल हुआ और लोग हंसी उड़ाने लगे, तब जिला सेनानी मनोहर लाल चौहान सामने आते हैं और कहते हैं कि ये कोई रेस्क्यू नहीं था… ये तो फायर वाहन का “प्रेशर चेक” था! जब उनसे पूछा गया—क्या तोता उनका है? तो जवाब मिला— “नहीं, तोता मेरा नहीं है।”

अब सवाल सीधे सिस्टम पर उठता है। क्या एक तोते को पकड़ना इतना बड़ा “इमरजेंसी” था? क्या फायर ब्रिगेड का यही काम रह गया है? और अगर उसी वक्त कहीं आग लग जाती तो? इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग हंस रहे हैं, कुछ लोग गुस्से में हैं,
लेकिन एक सवाल हर कोई पूछ रहा है—क्या एक तोते की उड़ान रोकने के लिए पूरे सिस्टम को झोंक देना सही है? जवाब अधूरे हैं…और सवाल अब भी कायम है।