दल्लीराजहरा। गोदावरी माइंस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और रिटेनिंग वॉल टूटने से मलबे की चपेट में आए दर्जनों परिवारों के आंसू देख कर कांकेर सांसद भोजराज नाग भड़क उठे। प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे सांसद ने कंपनी प्रबंधन को जमकर फटकारा और प्रशासन की सुस्ती पर नाराजगी जाहिर की। इस हादसे के चलते 23 परिवार बेघर होकर किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।

मलबे से ढह गए थे कई मकान

पिछले दिनों माइंस से निकले भारी मलबे ने अचानक गांवों में तबाही मचा दी थी। कई घर ढह गए और ग्रामीणों की जीवन भर की जमापूंजी मिट्टी में मिल गई। प्रभावित परिवारों ने सांसद को आपबीती सुनाते हुए बताया कि कंपनी की लापरवाही ने उन्हें बेघर कर दिया है। आज स्थिति यह है कि 23 परिवारों को अपना मूल निवास छोडक़र दूसरी जगहों पर किराए पर रहना पड़ रहा है।

सांसद ने कंपनी और प्रशासन को दी कड़ी चेतावनी

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सांसद भोजराज नाग ने कड़े लहजे में कहा कि कंपनी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही है। हम अपने आदिवासी भाइयों और ग्रामीणों के जीवन के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। इन निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने के लिए यदि मुझे गांव से लेकर लोकसभा तक की दौड़ लगानी पड़ी, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा। हर हाल में उचित मुआवजा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सांसद ने स्पष्ट किया कि विकास की आड़ में विनाश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कंपनी द्वारा पर्यावरण को पहुंचाई जा रही अपूरणीय क्षति और स्थानीय लोगों की बेदखली पर गंभीर चिंता जताई।

See also  Kailash Vijayvargiya के बेटे Akash Vijayvargiya की गुंडागर्दी, अधिकारी को बैट से पीटा

प्रशासनिक अमले की खुली पोल

सांसद के दौरे के दौरान प्रशासनिक अमले की पोल भी खुल गई। सांसद ने भानुप्रतापपुर एसडीएम गंगाधर वाहिले को ग्रामीणों के सामने बुलाकर अब तक की गई कार्रवाई का हिसाब मांगा। यह बात सामने आई कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। सांसद के आगमन की सूचना मिलते ही अधिकारी आनन-फानन में पहुंचे।

सांसद ने सभी अधिकारियों को एक साथ जमाकर फटकार लगाई और वन विभाग को सेफ्टी जोन में हुई क्षति पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सरपंच ने की खदानों में हो रहे कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग

भानुप्रतापपुर क्षेत्र के आरी डोंगरी खदान में मलबा धसकने की घटना के बाद अब सरपंच रमल कोर्राम की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ग्राम सरपंच रमल कोर्राम ने इस मामले को लेकर गंभीर चिंता जताई है और खदान संचालन पर सवाल उठाए हैं। सरपंच रमल कोर्राम ने कहा कि यह घटना केवल एक चेतावनी है और यदि खदानों में नियम-कानून को दरकिनार कर इसी तरह काम होता रहा, तो आने वाले समय में ऐसे हादसे और भी विकराल रूप ले सकते हैं।

See also  आज रायपुर लौटेंगे प्रदेश अध्यक्ष साव, होगा भव्य स्वागत

सरपंच ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे तौर पर मजदूरों और आसपास के ग्रामीणों की जान को खतरे में डाल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कोई व्यक्ति इन अनियमितताओं का विरोध करता है, तो उसे समाज में तिरछी नजर से देखा जाता है। इतना ही नहीं, गलत कामों में शामिल लोग सही तरीके से काम करने की बात उठाने वालों को बदनाम करने की कोशिश करते हैं और चौक-चौराहों पर उनकी खिल्ली उड़ाते हैं।

सरपंच ने प्रशासन से मांग की है कि खदानों में हो रहे कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।