Chhattisgarh Vidhan Sabha Special Session: छत्तीसगढ़ की सियासत में पारा गर्मी से भी तेज़ चढ़ गया है। 30 अप्रैल को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मोर्चा खोल दिया है। बैज ने सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सत्र प्रदेश के विकास के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस को घेरने और निंदा प्रस्ताव लाने के लिए बुलाया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस इस सत्र में सरकार को घेरने के लिए अपनी अलग रणनीति तैयार कर रही है।
महिला आरक्षण पर बहस का क्या मतलब?
राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने कहा कि राज्यपाल की अधिसूचना में महत्वपूर्ण कार्य की बात कही गई है, लेकिन असली खेल कुछ और है। बैज ने सवाल दागा जब महिला आरक्षण बिल संसद से पास होकर कानून बन चुका है, तो यहां चर्चा करके क्या साबित करना चाहते हैं? क्या यह लोकसभा का अपमान नहीं है? उन्होंने दो टूक कहा कि अगर दम है तो सरकार मोदी की गारंटी के वादों और अपने ढाई साल के काम पर बहस कराए। बैज ने आरोप लगाया कि सत्र के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद की जा रही है।
वसूली मास्टर बन गई है राजधानी की पुलिस!
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लेकर भी दीपक बैज का गुस्सा फूटा। उन्होंने राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। बैज ने कहा, जहां-जहां यह सिस्टम आया, वहां फेल साबित हुआ। रायपुर में पुलिस सिर्फ जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन के नाम पर चालान काटने में व्यस्त है। शहर में लूट, हत्या और चोरी की वारदातों पर कोई लगाम नहीं है, पुलिस बस वसूली मास्टर बनकर रह गई है।
वेदांता और भारतमाला पर लीपापोती का आरोप
भारतमाला प्रोजेक्ट और वेदांता हादसे का जिक्र करते हुए बैज ने प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतमाला में केवल छोटे मोहरों पर कार्रवाई हो रही है, जबकि बड़े नेता खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं वेदांता हादसे पर उन्होंने कहा, दबाव के बाद FIR तो हुई, लेकिन वो ऑनलाइन तक नहीं दिख रही। यह साफ तौर पर लीपापोती है। बीजेपी की टिफिन बैठक को लेकर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेता टिफिन लेकर पिकनिक मना रहे हैं, जबकि जनता खाद और महतारी वंदन के पैसों के लिए परेशान है।



