टीआरपी। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जनगणना 2026 के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की गई है। यदि आप नौकरी या अन्य कारणों से घर से दूर हैं, तो 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं।
यह सुविधा विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के उन लाखों प्रवासी श्रमिकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए है जो घर पर मौजूद नहीं रह पाते। स्व-गणना से आपकी जानकारी गोपनीय रहती है और प्रगणक (Enumerator) के आने पर लंबी पूछताछ से मुक्ति मिलती है, जिससे समय की बचत होती है।
स्व-गणना: आवेदन कैसे करें?
जो नागरिक 01 से 30 मई के बीच अपने निवास पर उपलब्ध नहीं रहेंगे, वे आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपना विवरण भर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद सिस्टम एक विशेष आईडी (Special ID) जनरेट करेगा। जब जनगणना कर्मी आपके घर आए, तो बस उन्हें यह आईडी दिखा दें, आपकी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी मान ली जाएगी।
स्व-गणना के फायदे: गोपनीयता और सटीकता
डिजिटल जनगणना में खुद जानकारी भरने से त्रुटियों की संभावना कम हो जाती है। आय, शिक्षा और दिव्यांगता जैसी संवेदनशील जानकारियां सीधे सरकारी डेटाबेस में सुरक्षित होती हैं। नागरिक अपनी सुविधानुसार 24X7 कभी भी मोबाइल या लैपटॉप के जरिए इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
घर-घर सर्वे की समय सीमा
स्व-गणना की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026
मकान सूचीकरण (Phase 1): 1 मई से 30 मई 2026 (प्रगणक घर आकर 33 प्रश्न पूछेंगे)
मुख्य जनगणना (Phase 2): फरवरी 2027 से मार्च 2027 तक
कुल प्रश्न: मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक 33 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछेंगे।
सुविधा: पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी सुविधाओं का होगा आंकलन।
उद्देश्य: सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक डेटा जुटाना।
1 मई से प्रगणकों की टीम घर-घर जाकर सर्वे शुरू करेगी। प्रशासन ने अपील की है कि डेटा की सटीकता और भविष्य की सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए नागरिक इस डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपना सहयोग सुनिश्चित करें।


