रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फरार मुख्य आरोपी वेणु जंघेल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अब शिकंजा कसते हुए नकद ईनाम की घोषणा कर दी है। आरोपी पिछले डेढ़ महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा है।
पुलिस का एक्शन: सूचना दो, ईनाम पाओ
सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नरेट ऑफ पुलिस (DCP) उमेष गुप्ता ने आज एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। फरार आरोपी वेणु जंघेल की सूचना देने या उसे गिरफ्तार करवाने वाले को 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है। उसका इस तरह खुलेआम घूमना समाज और कानून व्यवस्था के लिए खतरा हो सकता है।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि इस पेपर लीक कांड ने पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।सबसे पहले जारी टाइम टेबल के अनुसार 12वीं की हिंदी परीक्षा आयोजित हुई। छात्र संगठन NSUI ने दावा किया कि परीक्षा से पहले ही व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया ग्रुपों में प्रश्न पत्र वायरल हो गया था। मामले की गंभीरता और भारी विरोध को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा को रद्द कर दिया। कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा हिंदी की परीक्षा आयोजित की गई।
साइबर सेल की जांच और FIR
मैदानी सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही साइबर सेल तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। NSUI ने इस मामले में माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव भी किया था और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी।



