नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान आज जमकर हंगामा और हिंसा देखने को मिल रही है। चापड़ा से लेकर भांगर तक कई इलाकों में पत्थरबाजी और मारपीट की खबरें सामने आई हैं। नदिया जिले में भाजपा एजेंटों को निशाना बनाया गया है, वहीं हावड़ा में EVM खराब होने की वजह से वोटरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

बूथ के अंदर मारपीट: भाजपा एजेंट लहूलुहान

बता दें कि नदिया जिले के चापड़ा इलाके में बूथ नंबर 53 पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भाजपा के एक पोलिंग एजेंट के साथ बुरी तरह मारपीट की गई। बीजेपी नेताओं का सीधा आरोप है कि हमलावर सत्ताधारी TMC से जुड़े गुंडे थे। शांतिपुर, निमतला और भांगर जैसे संवेदनशील इलाकों से भी तोड़फोड़ की खबरें आ रही हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।

हावड़ा में हाई वोल्टेज ड्रामा: 3 बार रुकी वोटिंग

हावड़ा के एक मतदान केंद्र पर तो स्थिति और भी खराब रही। दरअसल, यहां EVM मशीन ने मतदान प्रक्रिया में तीन बार अड़ंगा डाला। मशीन बार-बार खराब हो रही थी, नई मशीन लाने के बाद भी तकनीकी खराबी दूर नहीं हुई। स्थानीय मतदाता का कहना है कि, सुबह 7 बजे से लाइन में लगे लोग गर्मी और देरी की वजह से भड़क गए। सुबह 8:30 बजे जाकर वोटिंग सुचारू रूप से शुरू हो पाई। मैं सुबह 7 बजे से लाइन में लगा था। अंदर से शोर-शराबा आ रहा था और गेट बंद कर दिए गए थे। कुछ लोग जानबूझकर हंगामा कर रहे थे जिन्हें बाद में सीआरपीएफ ने खदेड़ा।

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CRPF ने संभाली कमान, अब क्या है स्थिति?

गौरतलब है कि स्थिति बेकाबू होते देख CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। हंगामे वाली जगहों पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है। प्रशासन के आला अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और फिलहाल सुरक्षा बलों की साये में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। पश्चिम बंगाल की इस सियासी जंग में हिंसा के इन इनपुट ने चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि अगले कुछ घंटों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कड़े कदम उठाए जाते हैं।