7 New Rule from May 1, 2026: नई दिल्ली। देशभर में 1 मई 2026 से बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, घरेलू जरूरतों, निवेश और शेयर बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। इनका सीधा असर आम आदमी की जेब और सुविधा पर पड़ेगा।

7 New Rule from May 1, 2026: प्रमुख बदलाव

UPI और डिजिटल पेमेंट में सख्त सुरक्षा नियम

RBI ने UPI ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल भुगतानों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को और सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। अब UPI के जरिए (कार्डलेस) बिना डेबिट/क्रेडिट कार्ड डाले ATM से कैश निकासी को बैंक की मुफ्त ट्रांजेक्शन लिमिट में गिना जाएगा।

लिमिट खत्म होने के बाद हर ट्रांजेक्शन पर 17 से 21 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। इस बदलाव से धोखाधड़ी कम होगी, लेकिन बार-बार छोटी निकासी करने वालों को थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

10 लाख रुपए से अधिक नकद लेन-देन पर PAN अनिवार्य

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अगर किसी व्यक्ति का एक वित्तीय वर्ष में कुल नकद जमा या निकासी 10 लाख रुपए से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक को PAN कार्ड की जानकारी देना जरूरी होगा। यह लिमिट पूरे साल के कुल लेन-देन को ध्यान में रखकर तय की गई है।

इसका मकसद बड़े नकद लेन-देन को ट्रैक करना और अनएकाउंटेड मनी को रोकना है। जो लोग व्यवसाय या अन्य कारणों से ज्यादा नकदी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें PAN तैयार रखना चाहिए।

म्यूचुअल फंड में लाइफ-साइकिल फंड्स को बढ़ावा

पुराने रिटायरमेंट और चाइल्ड प्लान अब धीरे-धीरे बंद किए जा रहे हैं। उनकी जगह लाइफ-साइकिल फंड्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जो निवेशक की उम्र और जोखिम क्षमता के अनुसार खुद-ब-खुद इक्विटी और डेब्ट का अनुपात बदलते रहेंगे।

साथ ही, इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड अब अपनी संपत्ति का 35 प्रतिशत तक सोना और चांदी के ETF में लगा सकेंगे। यह बदलाव निवेश को अधिक वैज्ञानिक और उम्र के अनुकूल बनाने की दिशा में है।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर नया टैक्स नियम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर मिलने वाला टैक्स-फ्री लाभ अब केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जो इन्हें सरकारी जारी करने के समय सीधे खरीदते हैं। अगर कोई सेकेंडरी मार्केट से खरीदता है, तो मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ सकता है। इस बदलाव से टैक्स छूट का फायदा असली लंबे समय के निवेशकों तक ही पहुंचेगा।

शेयर ट्रेडिंग महंगी, STT में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ट्रेडिंग अब थोड़ी महंगी हो जाएगी। इंट्राडे और डेरिवेटिव सेगमेंट पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। अब ऑप्शंस पर 0.15% और फ्यूचर्स पर 0.05% STT लगेगा। छोटे ट्रेडर्स और बार-बार ट्रेडिंग करने वालों का नेट प्रॉफिट कम हो सकता है।

LPG सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के सख्त नियम

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सबसे ज्यादा असर LPG सिलेंडर पर पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। ग्रामीण इलाकों में यह समय और लंबा हो सकता है।

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डिलीवरी के समय अब OTP या ऑथेंटिकेशन कोड अनिवार्य है। LPG कनेक्शन के लिए eKYC भी सख्त कर दी गई है। नियमों का पालन न करने पर बुकिंग रद्द हो सकती है। इससे सब्सिडी वाले सिलेंडरों का डायवर्शन रोके जाने की उम्मीद है, लेकिन कुछ परिवारों को देरी होने पर नॉन-सब्सिडी सिलेंडर महंगे दामों पर खरीदने पड़ सकते हैं।

रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग पर नई पाबंदियां

रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनियों के लिए नए सर्टिफिकेशन और रेगुलेटरी नियम लागू हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में अधिक निगरानी बढ़ेगी, जिसका असर यूजर्स पर प्लेटफॉर्म फीस या सेवाओं के रूप में पड़ सकता है।