Cg Assembly Special Session: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को विशेष सत्र के दौरान महिला सशक्तिकरण को लेकर शासकीय संकल्‍प सदन में पेश किया गया। सत्र के शुरू होने पर जोरदार हंगाम और तीखी बहस शुरू हो गई। सदन में सीएम विष्‍णु देव साय ने शासकीय संकल्‍प पेश किया। शासकीय संकल्प को लेकर सदन में 8 घंटे से ज्यादा समय चर्चा हुई। सीएम ने इस दौरान सदन में कहा कि सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिया जाए।

सदन में भाजपा विधायक लता उसेंडी ने चर्चा की शुरूआत की और कहा कि महिला आरक्षण में विपक्ष बाधा डालने का काम कर रहा है। नेता विपक्ष ने कहा कि सदन के बाहर निंदा प्रस्ताव की बात कही गई थी, अब शासकीय संकल्प लाकर चर्चा कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है जनगणना के बाद महिला आरक्षण लागू किया जाए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर इसे जल्द लागू करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। महिलाओं को आरक्षण देना विपक्ष को रास नहीं आया, इसलिए हर बार बिल का विरोध किया गया।

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वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा की पुरुषवादी और मनुवादी सोच महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं देना चाहती। यदि 850 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होता तो महिलाओं को करीब 280 सीटें मिलतीं, जबकि पुरुषों के पास 570 सीटें रहतीं। इससे पुरुषवादी मानसिकता पर चोट पड़ती, इसलिए महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया।

Cg Assembly Special Session: आरक्षण बिल चुनावी झुनझुना:अनिल भेड़िया

चर्चा के बीच कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने कहा कि आरक्षण बिल चुनावी झुनझुना है, हमारे देश की महिलाएं जानती हैं कि 2023 में बिल पास हुआ पर उसे लागू नहीं किया गया, महिलाओं को अपने अधिकार मालूम है। चर्चा में भाग लेते हुए सत्ता पक्ष से डिप्टी सीएम साव ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में 500 रुपए देने का वादा किया था, आज किस मुंह से ये महिला के अधिकारों की बात कर रहे हैं।