स्वास्थ्य अधिकारी ने सफाई में लापरवाही पर 2 ठेकेदारों पर लगाया 20 हजार का जुर्माना

टीआरपी। रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने औचक निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए जोन 8 के दो सफाई ठेकेदारों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ड्यूटी पर सफाई कामगारों की संख्या कम मिलने और वार्डों में गंदगी पाए जाने पर इन ठेकेदारों का अनुबंध निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई रायपुर के नागरिकों के लिए सीधी राहत की खबर है क्योंकि इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारी के बीच निगम की यह सख्ती दिखाती है कि जनता के टैक्स के पैसे और शहर की सफाई में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।


नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने शुक्रवार को जोन 8 के वीर सावरकर नगर (वार्ड 1) और पंडित जवाहर लाल नेहरू (वार्ड 2) का दौरा किया। वार्ड 1 में निर्धारित 38 में से केवल 19 कामगार मिले, जबकि वार्ड 2 में 38 में से 12 कामगार अनुपस्थित थे। नालियां जाम होने और सड़कों पर गंदगी मिलने के कारण जोन स्वास्थ्य अधिकारी गोपीचंद देवांगन को तत्काल नियमानुसार ठेका निरस्त करने का प्रकरण बनाने को कहा गया है।

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इसके अतिरिक्त, जोन 4 के सिविल लाइन (वार्ड 46) में भी निरीक्षण के दौरान भारी गंदगी और मलबा पाया गया। इस लापरवाही के लिए वार्ड सफाई सुपरवाइजर कार्तिक नेताम को कारण बताओ नोटिस जारी कर 4 मई 2026 तक लिखित जवाब मांगा गया है। आयुक्त के निर्देशानुसार, अब हर जोन में स्वच्छता निरीक्षक और स्वास्थ्य अधिकारी जवाबदेही तय करेंगे।

मुख्य आंकड़े
अर्थदंड: दो ठेकेदारों पर कुल 20,000 रुपये (10-10 हजार प्रत्येक)।
अनुपस्थिति: वार्ड 1 में 50% सफाई कर्मी नदारद मिले।
नोटिस की अंतिम तिथि: सुपरवाइजर को 4 मई 2026 तक स्पष्टीकरण देना होगा।

निगम स्वास्थ्य अधिकारी अब प्रतिदिन अलग-अलग वार्डों का औचक निरीक्षण करेंगी। यदि सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों के विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।