टीआरपी डेस्क। बिहार की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कदम ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। नीतीश कुमार ने अचानक मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग खाली कर दिया है और अब वे 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट हो गए हैं। पटना की सड़कों पर चर्चा आम है कि यह सिर्फ घर बदलना नहीं है, बल्कि बिहार में किसी बड़ी राजनीतिक सर्जरी की तैयारी है।
आधी रात को शिफ्टिंग और मुलाकातों का दौर
शनिवार की दोपहर होते-होते पटना का सियासी पारा तब और चढ़ गया जब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार चौधरी अचानक नीतीश कुमार के नए ठिकाने पर जा पहुंचे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर फाइनल मुहर लग गई है। इससे ठीक पहले नीतीश कुमार ने दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव और करीबी नेता अशोक चौधरी से भी लंबी चर्चा की। मुलाकातों का यह सिलसिला बता रहा है कि बिहार में कुछ बड़ा होने वाला है।
मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू
बिहार में पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम ही पूरा प्रदेश चला रहे हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार तंज कस रहे थे कि कैबिनेट है या तीन लोगों की सरकार? लेकिन अब खबर आ रही है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आते ही बिहार में नई कैबिनेट की शपथ हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस बार नीतीश कुमार कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, इसलिए पुराने और भरोसेमंद चेहरों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि नए चेहरों की एंट्री काफी सीमित रहेगी।
विजय सिन्हा का क्या होगा? सस्पेंस बरकरार
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की हो रही है। उनके राजस्व एवं भूमि सुधार और खनन विभाग के पुराने फैसलों को नई सरकार पहले ही पलट चुकी है। यहां तक कि विभाग के प्रधान सचिव का भी तबादला कर दिया गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विजय सिन्हा को फिर से वही ताकतवर विभाग मिलेंगे या उन्हें किसी नई भूमिका में फिट किया जाएगा। अफसरों से लेकर नेताओं तक की नजरें अब राजभवन की ओर टिकी हैं।



