रायपुर। भारतमाला मुआवजा घोटाले की एक बार फिर से जांच होने जा रही है। इस बार शासन द्वारा अधिग्रहित की गई सभी जमीनों की जांच होगी। संभागायुक्त महादेव कावरे ने बताया कि समग्र जांच के बाद जिन जमीन मालिकों को अधिक मुआवजा दिए जाने की बात सामने आएगी, उनसे रिकवरी करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा।

अफसरों की टीम करेगी जांच

रायपुर–विशाखापट्टनम के बीच बन रही भारतमाला सड़क में हुए करोड़ों के मुआवजा घोटाले की अब तक हुई जांच के केंद्रबिंदु वे शिकायत रहे हैं जो प्रशासन के समक्ष रखे गए थे। कार्रवाई की बात करें तो एक एसडीएम और उनके अधीनस्थों के अलावा चंद दलालनुमा लोग शामिल हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया। कुछ घोटालों को ही टारगेट करके ही जांच की गई, जबकि घोटाले का दायरा काफी बड़ा है।

मामले की परत दर परत जांच में खुलासा हुआ है कि और भी अफसर इस घोटाले में शामिल हैं। इसलिए मामले की विस्तृत जांच करना जरूरी हो गया है।

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रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने टीआरपी न्यूज से चर्चा में बताया कि जांच के लिए आला अफसरों की दो नई टीम बनाई गई है। इस बार यह टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी। भारतमाला प्रोजेक्ट में जितने खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है, उन सभी की जांच होगी। चाहे उन खसरा नंबरों की शिकायत भी न मिली हो। सभी तरह की जांच को हर हाल में एक महीने में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

संभाग कमिश्नर महादेव कांवरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में बनी टीम करेगी। इसी तरह धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

क्या दिए गए अतिरिक्त मुआवजे की रिकवरी होगी..?

टीआरपी न्यूज ने संभाग आयुक्त महादेव कांवरे से पूछा कि जमीनों को गलत तरीके से टुकड़ों में बांटकर जो अतिरिक्त मुआवजा जमीन मालिकों को दिया गया है। ऐसे मामले उजागर होने के बाद क्या उनसे वसूली की गई है? तब उन्होंने कहा कि अब तक की जांच रिपोर्ट शासन और जांच एजेंसी को सौंप दी गई है, मगर इस बार समग्र जांच के बाद जो भी घोटाला उजागर होगा, उसमें जो अतिरिक्त मुआवजा निकलेगा उसकी संबंधित जमीन मालिकों से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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जिम्मेदार अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई

इस मामले में प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि अभी हाल में ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों की भी गंभीर भूमिका है। अभी तक इस मामले में केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे और कुछ अन्य को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में दावा किया गया है कि इस मामले में अभी और भी डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम दोषी हैं। इसके बाद ही तय किया गया कि अब एक-एक खसरा नंबर की जांच की जाएगी कि उसमें मुआवजा सही मिला है या नहीं। इस जांच टीम के पहले अफसरों की तीन टीम भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच कर चुकी है, लेकिन इस टीम ने केवल उन्हीं खसरा नंबरों की जांच की थी जिसकी शिकायत लोगों ने की थी।

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