रायगढ़। एनटीपीसी के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक स्थित लारा प्लांट में कोयला परिवहन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। आरोप है कि 575 ट्रेलर कोयले से लदे वाहन प्लांट तक पहुंचे ही नहीं और रास्ते में ही गायब हो गए। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला करीब तीन साल पुराना बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक कोयला परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टरों और एनटीपीसी के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। बताया जाता है कि जब यह मामला सामने आया, तब एनटीपीसी प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीबीआई को शिकायत सौंपी थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने संबंधित अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोयले के स्टॉक में गड़बड़ी का हुआ संदेह
जानकारी के मुताबिक, तलाईपाली माइंस से उत्पादन कम होने के दौरान एनटीपीसी लारा प्लांट को अन्य खदानों से कोयले की आपूर्ति की जा रही थी। उस समय रेल के बजाय सड़क मार्ग से परिवहन अधिक हो रहा था। इसी दौरान प्रबंधन को कोयले के स्टॉक में गड़बड़ी का संदेह हुआ। रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि जितने ट्रक-ट्रेलर प्लांट के लिए रवाना हुए, उतने वहां पहुंचे नहीं।
28 अप्रैल 2023 से 22 मई 2024 के बीच की जांच में दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह खुलासा हुआ कि 575 ट्रेलर कोयला लेकर प्लांट तक पहुंचे ही नहीं। वित्तीय प्रबंधन विभाग की जांच में यह गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद मामले को CBI के सुपुर्द कर दिया गया।


