रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चल रहे सस्पेंस पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। दिल्ली दरबार ने संजारी बालोद की तेजतर्रार विधायक संगीता सिन्हा पर भरोसा जताते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस का प्रभारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की ओर से जारी इस आदेश के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली में खिंची थी सियासी बिसात

आपको बता दें कि इस कुर्सी के लिए दावेदारी की रेस काफी दिलचस्प रही। इसी साल जनवरी में दिल्ली में इसके लिए बाकायदा शक्ति प्रदर्शन और इंटरव्यू राउंड हुआ था। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के सामने प्रदेश की 5 कद्दावर महिला नेत्रियों अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश की थी। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर आलाकमान किसके नाम पर मुहर लगाएगा।

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दो दिग्गजों के बीच फंसा था पेंच

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुकाबला मुख्य रूप से छन्नी साहू और संगीता सिन्हा के बीच ही टिका हुआ था। संगठन के भीतर एक गुट जहां छन्नी साहू के पक्ष में लामबंद था, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे से संगीता सिन्हा की दावेदारी को काफी मजबूत माना जा रहा था। काफी खींचतान और सियासी समीकरणों को साधने के बाद अंततः संगीता सिन्हा का पलड़ा भारी रहा।

बालोद से रायपुर तक जश्न का माहौल

संगीता सिन्हा की नियुक्ति की खबर मिलते ही बालोद और रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो महिला कांग्रेस में अब बड़े बदलावों की तैयारी है। नई अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती आगामी दिनों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और महिला वोटर्स को साधने की होगी।