टीआरपी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच मुख्य निर्वाचन आयोग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विजय रैलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन मुस्तैद है।
यह फैसला छत्तीसगढ़ के उन प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है जो बंगाल में व्यवसाय या रोजगार के लिए रहते हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों और रैलियों पर प्रतिबंध से चुनावी हिंसा की आशंका कम होगी, जिससे वहां रह रहे आम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
चुनाव नतीजों के बीच सुरक्षा के कड़े नियम
निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जीत किसी भी दल की हो, लेकिन सोमवार (4 मई) को पूरे बंगाल में कहीं भी उम्मीदवारों को जीत का जश्न मनाने या रैली निकालने की अनुमति नहीं होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह एक एहतियाती कदम है ताकि राज्य में शांति बनी रहे।
कोलकाता पुलिस ने निर्देश जारी किया है कि यदि कोई विजय जुलूस निकालना चाहता है, तो उसे 5 मई 2026 या उसके बाद ही अनुमति मिल सकेगी। इसके लिए संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या रैली पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर आयोग की नजर
अतिरिक्त CEO अरिंदम नियोगी ने बताया कि आयोग उन शिकायतों की जांच कर रहा है जिनमें कुछ दलों के एजेंटों के मतगणना केंद्रों तक नहीं पहुंच पाने की बात कही गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि CAPF के जवान और राज्य पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हैं। अब तक राज्य से किसी भी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।
शुरुआती रुझान: भाजपा और टीएमसी में मुकाबला
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बढ़त बनाई हुई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी कड़ी टक्कर दे रही है। हाई-प्रोफाइल सीट भबानीपुर में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है।
4 मई 2026 को पूरे पश्चिम बंगाल में विजय रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध।
जुलूस निकालने के लिए 5 मई के बाद पुलिस की लिखित अनुमति अनिवार्य।
मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस के साथ CAPF तैनात।
शाम तक चुनावी परिणाम पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे, जिसके बाद राज्यपाल द्वारा अगली सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन की अगली चुनौती परिणामों के बाद राज्य में शांति व्यवस्था कायम रखना होगा।



