कवर्धा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के चौथे दिन कबीरधाम जिले के आदिवासी वनांचल क्षेत्र कुई-कुकदुर क्षेत्र का अचानक दौरा कर प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों को चौंका दिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर अप्रत्याशित रूप से यहां लैंड होते ही पूरे इलाके में हलचल मच गई। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, प्रदेश की उत्कृष्ट और पंडरिया विधायक भावना बोहरा, कलेक्टर, एसपी, डीएफओ सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार से सीधे बातचीत कर योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी। इसके बाद उन्होंने गांव में काम कर रही रानी मिस्त्रियों के साथ श्रमदान किया और श्रमिकों के साथ महुआ पेड़ के नीचे बैठकर बोरे-बासी का स्वाद भी लिया।

इसके बाद मुख्यमंत्री कमराखोल गांव पहुंचे, जहां आम के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने योजनाओं की जानकारी दी, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।

See also  Sam Pitroda: राहुल गांधी के नेता विपक्ष बनते ही कांग्रेस में सैम पित्रोदा की वापसी, विरासत टैक्स और नस्लीय टिप्पणी पर दिया था विवादित बयान

बच्चे का किया नामकरण

इस दौरे के दौरान एक भावुक पल तब आया जब एक ग्रामीण महिला अपने नवजात शिशु को लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंची और नामकरण का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने बच्चे का नाम “रवि शंकर” रखा और उपहार स्वरूप एक हजार रुपये प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम का यह औचक दौरा प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।