तमिलनाडु में विजय और बंगाल में शुभेंदु अधिकारी

टीआरपी। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार 9 मई को कार्यभार संभालेगी। इन दो बड़े राज्यों के साथ असम में हिमंत बिस्व सरमा की वापसी और बिहार में कैबिनेट विस्तार की तैयारियों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

यह राजनीतिक बदलाव छत्तीसगढ़ के उन हजारों प्रवासियों और श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो इन राज्यों में कार्यरत हैं। साथ ही, कांग्रेस द्वारा द्रमुक (DMK) का साथ छोड़ विजय (TVK) को समर्थन देने की चर्चा ने विपक्षी एकता के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका असर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखेगा।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। पार्टी ने शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख चुनी है, जो रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (बंगाली कैलेंडर के अनुसार) का अवसर है, ताकि राज्य की संस्कृति से गहरा जुड़ाव दिखाया जा सके। अमित शाह को यहाँ विधायक दल के नेता के चयन के लिए मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

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वहीं, तमिलनाडु में एमके स्टालिन के इस्तीफे के बाद टीवीके (TVK) प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हालांकि वे बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे हैं, लेकिन कांग्रेस के संभावित समर्थन ने समीकरण बदल दिए हैं। कांग्रेस के इस कदम से उसकी पुरानी सहयोगी द्रमुक बेहद नाराज है और उसने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपना’ बताया है।

असम में भाजपा की हैट्रिक के बाद हिमंत बिस्व सरमा 11 मई के बाद दोबारा कमान संभालेंगे। इसके अलावा, बिहार में नए मंत्रियों को शामिल करने और मध्य प्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हैं, जिससे पूरे देश में सत्ता परिवर्तन और विस्तार का दौर चल रहा है।

तमिलनाडु शपथ ग्रहण: 7 मई, चेन्नई का जेएलएन स्टेडियम।
पश्चिम बंगाल शपथ ग्रहण: 9 मई, भाजपा की पहली सरकार।
असम: हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री।
बंगाल नतीजे: भाजपा को 207 सीटें, TMC 80 पर सिमटी।

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अगले 72 घंटों के भीतर तमिलनाडु और बंगाल में नई कैबिनेट के नामों पर मुहर लग जाएगी। विजय को बहुमत साबित करने के लिए दो सप्ताह का समय मिला है, जिसमें कांग्रेस की भूमिका निर्णायक होगी।